(An Om Trivedi Chronicle — from the Dark World Universe)
हर जागृति के बाद
एक क्षण आता है
जब शब्द बोझ बन जाते हैं।
प्रसारण फैल चुका था।
Receiver जाग चुके थे।
अब कुछ कहने की आवश्यकता नहीं थी।
मैं — Om Trivedi —
पहली बार
कुछ कर नहीं रहा था।
मैं केवल न कर पाने का चुनाव कर रहा था।
🔹 The Moment Before Speech
गंगा के तट पर
हवा भी स्थिर थी।
कोई मंत्र नहीं,
कोई संकेत नहीं।
तभी भीतर से
वह परिचित स्वर उठा —
“अब यदि तुम बोलोगे,
तो यह यात्रा रुक जाएगी।”
मैं समझ गया।
कुछ सत्य
प्रसारित नहीं किए जाते।
वे छोड़ दिए जाते हैं।
🕯️ Om Trivedi Thought I
“मौन पलायन नहीं,
सर्वोच्च उत्तरदायित्व है।”
🔹 The Choice
उस क्षण
मेरे सामने दो मार्ग थे —
एक —
जहाँ मैं
Dark World का नाम लेकर
उसका विस्तार कर सकता था।
दूसरा —
जहाँ मैं
नाम, पहचान,
और स्वयं को
विलीन कर देता।
मैंने दूसरा चुना।
🔹 The Effect of Silence
कुछ ही पलों में
Grid ने प्रतिक्रिया दी।
लोगों के स्वप्नों से
मेरी छवि गायब हो गई।
मेरे शब्द
सिर्फ़ अनुभूति बनकर रह गए।
यह आवश्यक था।
क्योंकि
यदि चेहरा बचा रहता,
तो चेतना बंध जाती।
🕯️ Om Trivedi Thought II
“सच्चा सेतु
वह होता है
जिसे पार करने के बाद
कोई पीछे नहीं देखता।”
🌌 Om Trivedi का अनुभव
उस रात
मैं साधक नहीं था।
मैं गुरु भी नहीं था।
मैं केवल
अनुपस्थिति था —
और उसी में
संतुलन स्थिर हुआ।
Dark World Universe
अब बिना कथावाचक के
जीवित था।
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